आज पास तुम चले आओ, तो कोई बात बने
अपना मुझे भी बनाओ, तो कोई बात बने
अपना मुझे भी बनाओ, तो कोई बात बने
मेरी हर सांस-o-एहसास ने तेरा एतबार किया
हर नजर ने, हर जज़्बे ने तुमसे इज़हार किया
हर नजर ने, हर जज़्बे ने तुमसे इज़हार किया
आज हमे तुम भी चाहो, तो कोई बात बने
मोहबत्त तुम भी जताओ, तो कोई बात बने
मोहबत्त तुम भी जताओ, तो कोई बात बने
आज वादा तुम भी निभाओ, तो कोई बात बने
एक कसम तुम भी खाओ, तो कोई बात बने
एक कसम तुम भी खाओ, तो कोई बात बने
लिखें हैं ना जाने कितने नगमे इस प्यार ने
मांगी हैं कितनी ही दुआएं पल पल इस इन्तजार ने
मांगी हैं कितनी ही दुआएं पल पल इस इन्तजार ने
आज गीत तुम भी गुनगुनाओ, तो कोई बात बने
एक ग़ज़ल तुम भी सुनाओ, तो कोई बात बने
एक ग़ज़ल तुम भी सुनाओ, तो कोई बात बने
बहुत हैं अरमान साथ तुम्हारे जीने का हमे
इश्क़ के पहलु में मुस्कुरा कर मरने का हमे
इश्क़ के पहलु में मुस्कुरा कर मरने का हमे
आज अगर तुम भी मान जाओ, तो कोई बात बने
दुनिया अपनी भी दिखाओ, तो कोई बात बने
दुनिया अपनी भी दिखाओ, तो कोई बात बने
Nice poem
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