मिलते अगर हम तो क्या एहसास होते
धड़कते दिल में क्या क्या ज़ज़्बात होते
धड़कते दिल में क्या क्या ज़ज़्बात होते
बहते आँखों से आंसू, या लब खिलखिलाते
या दोनों के संगम का, एक साथ ही एहसास होते
या दोनों के संगम का, एक साथ ही एहसास होते
ढेर सारी बातें, या चुप मुस्कुराते
चलते साथ साथ और हाथो में हाथ होतेे
चलते साथ साथ और हाथो में हाथ होतेे
रुकते फिर बहाने से, देखने को आखें
निगाहों ही निगाहों में, उमड़ रहे वो प्यार होते
निगाहों ही निगाहों में, उमड़ रहे वो प्यार होते
बैठ कर कही, सीने से तेरे लग जाते
रुक जाए अब पल यही, ऐसे हमारे बीचार होते
रुक जाए अब पल यही, ऐसे हमारे बीचार होते
मिलते अगर हम , तो वो क्या एहसास होते
धड़कते दिल में क्या क्या ज़ज़्बात होते
धड़कते दिल में क्या क्या ज़ज़्बात होते
Mast
ReplyDelete