1

Wednesday, February 20, 2019

MOST BEAUTIFUL POEM ( SAFAR ZINDGI KI )

                सफर ज़िंदगी कि 
सोचा था एक दिन , ज़िंदगी में कुछ कर बैठूंगा
पर कुदरत का करिश्मा तो देखो ,
मैंने कुछ किया तो , पर ये ना सोचा था। .....
की प्यार कर बैठूंगा
ज़िंदगी की सफर थी प्यारी
फ़िदा था तेरे मुस्कान पे ,
तरपता था तेरे दीदार के लिए। ...
पर पता ना था , की तेरे दिल में कोई जगह बना बैठूंगा।
तुमसे मिलना ,  बातें करना  लगता था दिल का खेल है
प्यार की राहों में तुझे जानकर ऐसा लगा ,
की दिल पे तेरा  नाम लिख  बैठूंगा
दिन गुजर रहे थे तरंगो की तरह
बिना किसी रुकावट के .......
तुझे पा कर मै खो गया  हो गया अकेला
दिल में झाँककर देखा तुम्हे
तब सोच लिया ज़िंदगी तेरे नाम कर बैठूंगा।
                                                        अनिकेत  सिंह  कुशवाहा 

1 comment:

  1. बस जिंदगी में यही काम कर बैठुगा सफर जिंदगी कि


    Very emotional poem brother

    ReplyDelete

THANK YOU SO MUCH

दर्द-ए-बयां

मेरी ऐसी रूह , जो मंज़िल-तस्कि पा ना सकें..... अपने दर्द -ऐ-मोहब्बत के सपनो को, सजा न सकें। जीने को जिये जाते है मगर,सांसो की रिदायें जल...