लौट आ..... ये ज़िन्दगी मेरी ओर,
तुझ बिन जिया नही जाता।
है बेरुखी इस दिल की ,
अब ये दूरिया सहा नही जाता।
खामोस है दिल ....पर,
झूठी मुस्कान किस काम की,
सच तो ये है ....
तन्हा यूं ही, ज़िन्दगी गुजरा नही जाता।
अनिकेत सिंह कुशवाहा
तुझ बिन जिया नही जाता।
है बेरुखी इस दिल की ,
अब ये दूरिया सहा नही जाता।
खामोस है दिल ....पर,
झूठी मुस्कान किस काम की,
सच तो ये है ....
तन्हा यूं ही, ज़िन्दगी गुजरा नही जाता।
अनिकेत सिंह कुशवाहा
Beautiful poeam
ReplyDeleteWah
ReplyDeleteIs janam me na sahi agle janam me oo jarur milegi
ReplyDelete